दिल्ली देहात से….

हरीश चौधरी के साथ….

उपेंद्र कुशवाहा ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर भाजपा से दोस्ती को लेकर संदेह जताया – ऐसे बड़े भाई के कहने से छोटा भाई… : मंत्रमुग्ध कुमार के जिसे जाना है, कहने पर उपेंद्र कुशवाहा का पलटवार -दिल्ली देहात से


कुमार ने कहा, ”राजनीतिक कम से कम एक नेता का नाम लेना चाहिए जो (भाजपा के साथ) संपर्क में है। जो खुद से संपर्क करना चाहते हैं, वे इस तरह के आरोप लगा रहे हैं।”

उन्होंने पार्टी के कमजोर होने संबंधी कुशवाहा के दावों को खारिज करते हुए कहा, ”नवीनतम सदस्यता अभियान में हमारी संख्या 50 लाख से बढ़कर 75 लाख हो गई है।”

पूर्व केंद्रीय मंत्री कुशवाहा ने 2021 में अपनी राष्ट्रीय जनता समता पार्टी (पार्टी रालोस्पा) का जदयू में विलय कर दिया था।

इस तरह की खबरें सामने आई थीं कि कुशवाहा उपमुख्यमंत्री बन सकते हैं। हालांकि कुमार ने इन खबरों को खारिज करते हुए साफ कर दिया था कि राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव इस पद पर बने रहेंगे।

पिछले हफ्ते कुशवाहा चिकित्सा जांच के लिए दिल्ली में थे और अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में भाजपा के कुछ नेताओं के साथ तस्वीरें उनकी सोशल मीडिया पर आई थीं। ऐसा माना जाता था कि इन तस्वीरों को कुशवाहा के समर्थन में ‘जानबूझकर’ सोशल मीडिया पर डाला गया है।

कुमार ने एक कार्यक्रम के अन्य पापाराजी से कहा, ”अगर उनकी कोई अधूरी महत्वाकांक्षा है तो उन्होंने इस संबंध में मुझे कभी नहीं बताया। वह जहां जा सकते हैं। हालांकि यहां उन्हें सम्मान मिलता है.”

इस बीच कुशवाहा ने सोशल मीडिया पर कहा कि वह अपना हिस्सा छोड़कर कहीं नहीं जाने वाले हैं।

उन्होंन ट्वीट किया, ”बड़ा अच्छा कहा भाई साहब आपने…! ऐसे बड़े भाई के कहने से छोटा भाई घर छोड़ कर जाने लगा तब तो हर बड़ा भाई अपने छोटे भाई को घर से भगवानकर बाप-दादा की पूरी संपत्ति अकेले हड़प लेगा। ऐसे कैसे जाएं अपना हिस्सा चुनें?”

कुशवाहा ने पिछले सप्ताह यह स्पष्ट कर दिया था कि वह ”कभी भी भाजपा के सदस्य नहीं बनेंगे” लेकिन 2024 के चुनावों से पहले एक पार्टी बनाने और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में शामिल होने से संबंधित सवाल को उन्होंने टाल दिया था।

(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एंडीटीवी टीम ने विरोध नहीं किया है, यह सिंडीकेट से सीधे प्रकाशित किया गया है।)

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