दिल्ली देहात से….

हरीश चौधरी के साथ….

जो बच्चे सेक्सी फिल्में देखते हैं उनमें भी असुरक्षित यौन संबंध होने की संभावना अधिक होती है – शोध – सेक्सी फिल्में देखने वाले बच्चों द्वारा असुरक्षित यौन संबंध बनाए जाने की संभावना भी अधिक होती है -दिल्ली देहात से

सेक्स दृश्यों से भरपूर फिल्में देखने वाले बच्चों के यौन-स्वच्छंद होने और यौन गतिविधियों होने की संभावना बहुत अधिक होती है।
एक नए अध्ययन में पाया गया है कि सेक्सी फिल्में देखने वाले बच्चे, ऐसी फिल्में नहीं देखने वाले बच्चों की तुलना में न केवल जल्दी अपना कौमार्य खोते हैं, यानी ऐसे बच्चे का पहला सेक्स अनुभव या पहला यौन संबंध जल्दी स्थापित करते हैं, बल्कि सेक्सी फिल्में। वाले बच्चों द्वारा असुरक्षित यौन संबंध बनाए जाने की संभावना भी अधिक होती है।

समाचार पत्र ‘डेली मेल’ की एक ख़बर के अनुसार, छह साल तक चले इस अध्ययन में 1,200 से भी ज़्यादा बच्चों पर फ़िल्मों में दिखाए जाने वाले सेक्स दृश्यों के असर की पहचान की गई। अमेरिका के डार्थमाउथ कॉलेज और आईवी लीग यूनिवर्सिटी के रिसर्च करारों ने साल 1998 से लेकर साल 2004 तक की 684 फिल्मों का सर्वे किया और उनमें से सेक्स क्रम के आधार पर उनका वर्गीकरण किया। ‘आइज़ वाइड शट’ जैसी फिल्मों को ‘ज्यादा सेक्स व्यूअर’ श्रेणी में रखा गया था, जबकि ‘लॉर्ड ऑफ़ द रिंग्स : द रिटर्न ऑफ़ द किंग’ को ‘कम सेक्स व्यूअर’ श्रेणी में रखा गया था।

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(इस खबर को एंडीटीवी टीम ने नाराज नहीं किया है। यह सिंडीकेट से सीधे प्रकाशित किया गया है।)