दिल्ली देहात से….

हरीश चौधरी के साथ….

पहली बार घर खरीदने वालों के लिए होम लोन टिप्स होम लोन टिप्स जो EMI का बोझ कम करने में मदद कर सकते हैं यहां 5 स्मार्ट तरीके हैं जिससे एक नया होम लोन लेने वाला अपनी EMI राशि कम कर सकता है -दिल्ली देहात से

पहली बार घर खरीदने वालों के लिए होम लोन टिप्स होम लोन टिप्स जो EMI का बोझ कम करने में मदद कर सकते हैं यहां 5 स्मार्ट तरीके हैं जिससे एक नया होम लोन लेने वाला अपनी EMI राशि कम कर सकता है
-दिल्ली देहात से

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अगर होम लोन (होम लोन) आसानी से मिल जाए, तो भी भारी-भरकम (होम लोन की ब्याज दरें) चुकानी पड़ती है। आम तौर पर होम लोन की अधिकतम अवधि 25 से 30 साल होती है, लेकिन बहुत सारे लोगों के लिए इतना लंबा टेन्योर एक बोझ की तरह हो जाता है।

बीक्यू प्राइम हिंदी बातचीत के दौरान, एचडीएफसी बैंक से संबंधित अधिकारी नाव्या चौधरी ने 5 स्मार्ट तरीके बताएं। ऐसे में अगर आप भी घर लोन लेने की योजना बना रहे हैं तो इसके जरिए आप अपने होम लोन का बोझ कम कर सकते हैं।

1. प्री-पेमेंट करने के लिए तैयार करें स्पेशल फंड

होम लोन का प्री-पेमेंट करने के लिए आपको किसी जैकपॉट की जरूरत नहीं है। अगर आपने 20 से 30 साल की उम्र में होम लोन लिया है तो आप अपनी बचत से कुछ अतिरिक्त पैसों का एक फंड बना सकते हैं। इस फंड में सैलरी में हुई इंक्रीमेंट का हिस्सा, बोनस, एक्स्ट्रा इनकम को शामिल किया जा सकता है। फिर इस फंड में जमा राशि को एकमुश्त होम लोन के प्री-पेमेंट के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं। कुछ-कुछ वर्षों की अवधि में ऐसा करने से लोन अमाउंट और उस पर चलने वाला व्‍यायाम भी कम होता जाएगा। ये बजट शॉट के साथ लोन की अवधि कम करने में भी मदद करता है।

2. हर महीने ईएमआई धारकों की राशि बढ़ाई जाए

आपके लोन के टाइप को देखकर आप ये पता लगा सकते हैं कि आप अपने महीने की किश्त बढ़ा सकते हैं या नहीं। अगर आपका फिक्स्ड रेट लोन है तो इससे आपको फायदा होगा। रीफाइनेंस न कराएं की स्थिति में आप मासिक राशि को बढ़ा लोन जल्दी जमा कर सकते हैं। इससे आप व्याज को बढ़ने का मौका ही नहीं देते हैं और प्रिंसिपल अमाउंट भी घटता रहता है। आप हर महीने एक किस्त बढ़ा कर भी दे सकते हैं।

3. होम लोन प्रस्तावों पर विचार कर सकते हैं

बहुत से लोग वेतन कम होने और क्रेडिट स्कोर अच्छा नहीं होने के कारण उच्च ब्याज दर पर होम लोन लेते हैं। लेकिन समय के साथ प्रमोशन और इंक्रीमेंट होने या जॉब स्विच करने के बाद अगर आपकी मंथली सैलरी अच्छी हो गई है तो आप अपने होम लोन की बैलेंस राशि को किसी अन्य बैंक में नियुक्ति पर विचार कर सकते हैं। ऐसे बैंक, वास्तविक इंटरेस्ट रेट कम हो। कई बैंक ऐसी सुविधा देते हैं, कुछ इसके लिए आकस्मिक फी चार्ज करते हैं। दूसरे बैंक में लोन को तेजी से चुकाने के लिए ईएमआई बढ़ा सकते हैं। अगर आपके घर पर लोन की अवधि 20 साल है तो शुरुआती 2 से 5 साल के बीच लोन को दूसरे बैंक में स्थान देना बेहतर रहेगा।

4. म्यूचुअल फंड SIP में निवेश करने से फायदा होगा

SIP यानी सिस्टमैटिक निवेश योजना के जरिए म्यूचुअल फंड में निवेश करने पर आपको एक तय समय के बाद अच्छा खासा रिटर्न मिल सकता है। नाव्या एक उदाहरण के जरिए बताते हैं, ‘जैसे आपने 25 लाख का होम लोन लिया है, जिसकी अवधि 25 साल है। वहीं दूसरी ओर आप हर महीने 5,000 रुपये की अतिरिक्त कमाई या सेविंग सिप के किसी ऐसे अलर्ट में उम्मीदवार होते हैं, जहां 15 साल के बाद आपको 20 से 22 लाख का रिटर्न मिल जाता है।’ ऐसे में आप इस राशि का इस्तेमाल होम लोन को प्रिक्स-पेमेंट में कर सकते हैं। इससे आपके होम लोन की अवधि सीधे 10 साल कम हो जाएगी। म्यूचुअल फंड में निवेश करने से आपको टैक्स बचाने (टैक्स सेविंग) में भी मदद मिलेगी। और 10 साल पहले ऋण से मुक्त हो जाने पर आप तनाव से मुक्त हो जाएंगे और वित्तीय जिम्मेदारियां पूरी तरह से मुक्त हो जाएंगी।

5. इस तरह भी कर सकते हैं इस्तेमाल

आप एक लंपसम अमाउंट भरकर भी अपना होम लोन टर्म कम कर सकते हैं। अगर आपके पास अचानक एक्स्ट्रा कैश की व्यवस्था हो जाए। जैसे, किसी पुश्तैनी संपत्ति के बंटवारे से, किसी पुराने निवेश की मैच्योरिटी से, पिता या मां अपने आवंटन के बाद एकमुश्त राशि से कुछ अंश स्वैच्छिक रूप से दे दें या फिर अन्य किसी संयोग से आपके पास अतिरिक्त कैश उपलब्ध हो जाएं, जो आपको लंबे समय तक मिलेंगे समय तक जरूरत नहीं पड़ती है, तो आप अपने बैंक से बात करके भिन्न-भिन्न पहचान कर सकते हैं।

आप अतिरिक्त लंपसम अमाउंट भरकर अपना लोन जल्दी बंद करवा सकते हैं। लंपसम अमाउंट पे का मतलब एक बार का क्लेम है, जिसमें आप एक बड़ी राशि का बैंक देते हैं और इससे आपका मूल राशि कवर हो जाता है और व्याज भी कम हो जाता है। बहुत सारे लोग इसका इस्तेमाल कैसे करते हैं।

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