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क्या अच्छी सड़कें बन सकती हैं हादसे की वजह? राजमार्ग सम्मोहन के बारे में सब कुछ जानें – क्या अच्छी सड़कें बन सकती हैं एक्सीडेंट की वजह? हाइवे हिप्नोसिस के बारे में सब कुछ जानें -दिल्ली देहात से

क्या अच्छी सड़कें बन सकती हैं हादसे की वजह?  राजमार्ग सम्मोहन के बारे में सब कुछ जानें – क्या अच्छी सड़कें बन सकती हैं एक्सीडेंट की वजह?  हाइवे हिप्नोसिस के बारे में सब कुछ जानें
-दिल्ली देहात से

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सांकेतिक तस्वीर

मुंबई: महाराष्ट्र में सड़क हादसों से 14 हजार के करीब धब्बे हो रहे हैं। सड़क हादसों में मौत के मामले में देश में महाराष्ट्र तीसरे नंबर पर है, जबकि उत्तर प्रदेश पहले नंबर पर और तमिलनाडु दूसरे नंबर पर है। महाराष्ट्र में सड़क हादसों में वर्तमान में समृद्धि महामार्ग सबसे आगे है, जहां चार महीने में करीब 360 सड़क दुर्घटनाएं हो सकती हैं। हैरानी की बात है कि सड़क हादसों की एक वजह सड़क सम्मोहन (हिप्नोसिस) बताई जा रही है।

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हाईवे पुलिस के अनुसार, सड़क हादसों की बड़ी वजह सम्बद्ध की, ओवर स्पीडिंग और टायर फटना है। महाराष्ट्र हाईवे पुलिस के एडीजी रवींद्रकुमार सिंगल ने कहा कि दक्षिण और उत्तर को लिंक करने वाला राज्य महाराष्ट्र है तो यहां से काफी दावे नीचे दक्षिण में डाले जाते हैं या फिर वहां से ऊपर आते हैं, तो सुबह के समय एक्सीडेंट का काफी बड़ा पात्र हैं। कल ही एक हादसे में वो भी सुबह 4 लोगों की मौत हो गई। हम देख रहे हैं कि ओवर स्पीडिंग से या फिर नींद आने से या दिन में देखें तो टायर फटने के कुछ मामले सामने आए।

सड़कें अच्छी बन रही हैं ताकि लोग समय पर पहुंच सकें। लेकिन इसकी खामियाजा भी कम पड़ रही है। हादसे भी बढ़ रहे हैं। खासकर हम समृद्धि महामार्ग पर…मुंबई से नागपुर तक जो पहला फेज बना है। उस पर 360 से ज्यादा बड़े सड़क हादसे हो चुके हैं और 39 लोगों की मौत हो चुकी है। इसमें कई कारण हैं। उसी का एक कारण है सड़क सम्मोहन।

जानकार से जानिए हादसों की वजह
मनोचिकित्सक डॉ. सागर मुंदड़ा ने कहा कि नए नए हाईवे बन रहे हैं। एक तरफ चार लेन हैं। दूसरी तरफ भी चार लेन हैं। रोड सटीक चचक है। कोई बाधा नहीं है। बीच में कोई प्राणी नहीं आता है। कोई टू व्हीलर नहीं आने वाला है। कोई उल्टा साइड से नहीं आने वाला है और बहुत खाली सड़क मिलती है ऐसे में ड्राइवर को लगता है कि खाली सड़क है कोई बाधा नहीं है तो मैं रिलैक्स कैसे से गाड़ी चलाऊंगा। मैं कार अच्छा कर सकता हूं। ऐसे ड्राइवर समय बहुत ही रिलैक्स हो जाते हैं। दूसरी तरफ हम गलती कर जाते हैं और जुड़ जाते हैं, क्योंकि स्पीड भी बहुत ज्यादा होती है।

सीएम ने धीरे-धीरे गाड़ी चलाने की अपील की
सड़क सम्मोहन को व्हाइट लाइन फीवर के नाम से भी जाना जाता है। सड़क पर बनी सफेद पट्टी चालक के दिमाग पर पंडूलम का असर करता है, जिससे नींद आने का खतरा बना रहता है। इसलिए सूचनाएं बताती हैं कि ऐसी सड़कों पर ड्राइवर को एक्टिव रखने के लिए गाना सुनना चाहिए…कुछ बातें करते रहना चाहिए। इस बीच मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इगतपुरी से शिर्डी तक समृद्धि महामार्ग के दूसरे फेज का उद्घाटन करते हुए कहा कि हाईवे तेज गति के बावजूद बने हैं। लेकिन हमारे ज्यादतार के दावे 120 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से भी चलते हैं। इसलिए धीमी गति से ही चलाएं।

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि “मेरी सबसे विनती है.. यहां अपनी गति प्राप्त करें। जब तक इंटेलिजेंट ट्रैफिक दिखावा सिस्टम नहीं। क्योंकि हमने रात में एक दो बजे के बाद और सुबह 5 बजे के बीच देखा है क्योंकि ये हाईवे सीधा है।इसलिए सीधे सीधे रास्ते से खटखट की संभावना रहती है।इसलिए लोगों को ध्यान रखना चाहिए।

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